मानसिक रोगी का बहाना नहीं चलेगा, बेअदबी पर होगी सख्त सजा: भगवंत मान
समाना/चंडीगढ़, 16 मई — Bhagwant Mann ने पटियाला के समाना में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बेअदबी विरोधी नए कानून, पंजाब के विकास कार्यों, बिजली सुधार, सिंचाई परियोजनाओं और रोजगार के मुद्दों पर विस्तार से अपनी सरकार का पक्ष रखा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं ने पंजाब के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि पहले कमजोर कानूनों का फायदा उठाकर आरोपी मानसिक बीमारी या अन्य कानूनी तकनीकी कारणों का हवाला देकर बच निकलते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए नए बेअदबी विरोधी कानून में सख्त प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति बेअदबी करता है, तो उसकी देखभाल करने वाले अभिभावकों या जिम्मेदार लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार कानून में उम्रकैद और भारी जुर्माने का प्रावधान रखा गया है ताकि दोषियों में डर पैदा हो सके।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी और कई नेता खुद बेअदबी मामलों में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास करते रहे। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग लगातार इंसाफ की मांग कर रहे थे, लेकिन पुराने शासन में कानून जानबूझकर कमजोर रखा गया।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए भगवंत मान ने कहा कि Shiromani Akali Dal, Bharatiya Janata Party और Indian National Congress ने पंजाब को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाया। उन्होंने बादल परिवार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग 25 साल राज करने की बात करते थे, आज उनके पास 25 कार्यकर्ता भी नहीं बचे।
पंजाब के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने गोइंदवाल साहिब थर्मल पावर प्लांट खरीदकर नया इतिहास बनाया और वर्षों से बंद पड़ी पछवाड़ा कोयला खदान को दोबारा शुरू करवाया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें सरकारी संस्थानों को जानबूझकर घाटे में दिखाकर बेच देती थीं ताकि कमीशनखोरी की जा सके।
मान ने यह भी दावा किया कि पंजाब जल्द ही देश का पहला ऐसा राज्य बनेगा जहां बड़े स्तर पर बिजली की तारें और खंभे हटाकर अंडरग्राउंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। उनके मुताबिक इससे बिजली कटौती, तूफानों से होने वाले नुकसान और फसलों में आग लगने जैसी समस्याएं कम होंगी।
सिंचाई व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नहर नेटवर्क को मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां नहरी पानी का उपयोग 25-26 प्रतिशत था, वहीं अब यह करीब 78 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हजारों किलोमीटर नहरों और पुलियों की मरम्मत करवाई गई है ताकि हर खेत तक पानी पहुंच सके।
शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, बेहतर सुविधाएं और शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ी है, जिसके कारण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
रोजगार के मुद्दे पर मान ने दावा किया कि उनकी सरकार ने बिना भ्रष्टाचार और बिना सिफारिश के 65 हजार से अधिक नौकरियां केवल मेरिट के आधार पर दी हैं।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि “रंगला पंजाब” बनाने के लिए पंजाबियों को मिलकर अपने पानी, खेती और युवाओं को बचाना होगा।