पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा आम आदमी पार्टी में शामिल, अकाली दल को बड़ा झटका
समाना/चंडीगढ़, 16 मई — पंजाब की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री Surjit Singh Rakhra औपचारिक रूप से Aam Aadmi Party में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने समाना में आयोजित जनसभा के दौरान उन्हें पार्टी में शामिल करवाया।
रखड़ा के साथ उनके परिवार के सदस्य और कई समर्थक भी ‘आप’ में शामिल हुए। इसे 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले शिरोमणि अकाली दल के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 16 मई का दिन पंजाब की राजनीति में यादगार रहेगा, क्योंकि एक साफ-सुथरी छवि और जनसेवा के लिए समर्पित नेता आम आदमी पार्टी परिवार का हिस्सा बने हैं। उन्होंने कहा कि सुरजीत सिंह रखड़ा के पास निजी हितों को आगे बढ़ाने के कई अवसर थे, लेकिन उन्होंने हमेशा लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री ने अकाली दल पर हमला बोलते हुए कहा कि जो पार्टी कभी पंजाब पर 25 साल राज करने का दावा करती थी, आज उसकी स्थिति यह हो गई है कि “उनके पास 25 लोग भी नहीं बचे।” उन्होंने कहा कि बेअदबी मामलों और जनविरोधी राजनीति के कारण अकाली नेतृत्व जनता का विश्वास खो चुका है।
भगवंत मान ने यह भी कहा कि पंजाब के पुनर्निर्माण और प्रशासन को मजबूत करने के लिए अनुभवी और ईमानदार लोगों की जरूरत है और रखड़ा परिवार का अनुभव पार्टी और राज्य दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
इस मौके पर सुरजीत सिंह रखड़ा ने आम आदमी पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका पार्टी में शामिल होने का फैसला सीधे तौर पर बेअदबी विरोधी कानून से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून की मांग का समर्थन करते रहे हैं और मान सरकार द्वारा इस दिशा में कदम उठाना उनके लिए अहम कारण बना।
रखड़ा ने कहा कि पिछली सरकारें राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण ऐसा कानून लागू नहीं कर सकीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने यह पुरानी मांग पूरी की। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कानून पारित कर दिया तो उन्हें अपना वादा निभाना था।
उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा नहरी पानी के ढांचे को मजबूत करने और राज्य को रेगिस्तान बनने से बचाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी सराहना की। रखड़ा ने कहा कि जल संसाधनों को सुरक्षित करने के लिए किए जा रहे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद की किरण हैं।