# पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी को पीछे धकेलने की साजिश, भाजपा की सोच पंजाब विरोधी: दीपक बाली
चंडीगढ़: Aam Aadmi Party के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार Deepak Bali ने केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार पर पंजाब विरोधी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को पीछे धकेलने और संस्कृत को अनिवार्य बनाने के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “पंजाबियत खत्म करने की साजिश” करार दिया।
दीपक बाली ने कहा कि पंजाब में स्थित आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को चौथे स्थान पर लाया जा रहा है, जबकि संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार योजनाबद्ध तरीके से पंजाब की भाषा, संस्कृति और पहचान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिनसे पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंच रहा है। बाली के मुताबिक पंजाबी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं, इतिहास और विरासत की पहचान है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में पंजाबी को कमजोर करना सीधे तौर पर पंजाब और पंजाबियत पर हमला है।
दीपक बाली ने कहा, “यह पंजाब की धरती है और पंजाबी यहां के लोगों की मातृभाषा है। पंजाबी को शिक्षा व्यवस्था में पीछे धकेलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।”
उन्होंने कहा कि पंजाब भाषा एक्ट के अनुसार राज्य में पंजाबी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाना जरूरी है। पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक पंजाबी विषय कानूनन शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर ऐसी नीतियां लागू कर रही है, जिनसे नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर हो जाए।
‘आप’ नेता ने कहा कि पंजाबी गुरुओं की भाषा है और इसका सम्मान करना हर पंजाबी का कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और भाजपा की किसी भी “साजिश” को सफल नहीं होने देगी।
दीपक बाली ने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब में ऐसा कोई स्कूल नहीं चलने दिया जाएगा जहां पंजाबी भाषा अनिवार्य न हो। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर जोरदार विरोध करेगी और पंजाब सरकार ऐसे स्कूलों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार हमेशा पंजाब को कमजोर करने की मानसिकता से काम करती दिखाई देती है। बाली ने कहा कि पंजाब के लोग अपनी भाषा और संस्कृति के सम्मान के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।