पटियाला/अमृतसर। पाकिस्तान समर्थित Inter-Services Intelligence (ISI) और खालिस्तान समर्थक आतंकी नेटवर्क से जुड़ी शंभू रेलवे ट्रैक IED ब्लास्ट साजिश मामले में Punjab Police को बड़ी सफलता मिली है। पटियाला पुलिस ने State Special Operation Cell (SSOC) अमृतसर के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया।
कार्रवाई के दौरान Tarn Taran के गांव पंजवड़ खुर्द से रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG), हैंड ग्रेनेड, IED, RDX और हाई-एंड पिस्तौलों सहित भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए। यह जानकारी डीजीपी Gaurav Yadav ने दी।
रेलवे ट्रैक पर IED लगाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री में एक RPG, 2.296 किलोग्राम का मेटैलिक IED (स्टिकी बम), तीन डेटोनेटर, बैटरी व इलेक्ट्रिक वायर, 1.456 किलोग्राम RDX के दो पैकेट, एक P-86 हैंड ग्रेनेड, तीन पिस्तौल (ग्लॉक-18, PX5 स्टॉर्म, स्टार मार्क), पांच मैगजीन और 84 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा वायरलेस सेट, हेडफोन और टाइमर स्विच भी बरामद हुए हैं।
यह कार्रवाई हाल ही में Shambhu के पास रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट की जांच के दौरान सामने आई, जिसमें जगरूप सिंह उर्फ जूपा की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह रेलवे ट्रैक पर IED लगाने की कोशिश कर रहा था, जो समय से पहले ही फट गया।
गिरफ्तार आरोपियों से खुलासा
घटना के 12 घंटे के भीतर पुलिस ने चार आरोपियों—प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी—को गिरफ्तार कर लिया था। इनके कब्जे से हथियार, संचार उपकरण और लैपटॉप बरामद किए गए थे।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ताजा बरामदगी गिरफ्तार आरोपी सतनाम उर्फ सत्ता के खुलासे पर हुई है, जो मुख्य आरोपी जगरूप सिंह का भाई है।
अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े तार
जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल को मलेशिया स्थित नेटवर्क से समर्थन मिल रहा था और ‘जुझार सिंह’ नाम का इस्तेमाल कर विदेश से फंडिंग की जा रही थी। इसके अलावा अमेरिका में बैठे सुरिंदर सिंह ठिकरीवाल और पाकिस्तान स्थित रंजीत सिंह उर्फ नीटा (नामित आतंकी) से भी इसके संबंध पाए गए हैं।
अन्य हमलों से कनेक्शन की जांच
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मॉड्यूल का संबंध Sirhind railway track IED blast 2026 और 2025 में हुए CIA मोगा ग्रेनेड हमले से भी है।
पहले से दर्ज है मामला
पटियाला के एसएसपी Varun Sharma ने बताया कि आरोपी ने खुलासा किया था कि हथियारों की खेप गांव में तबेले और कार में छिपाई गई थी। इसके बाद पुलिस और SSOC की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर हथियार बरामद किए। इस संबंध में थाना कोतवाली पटियाला में पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है।
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए व्यापक अभियान जारी है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।