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श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे आप के मंत्री-विधायक, भगवंत मान बोले- आदेश सर्वोपरि

29 Jun 2026 | 108 Views

श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे आप के मंत्री-विधायक, भगवंत मान बोले- आदेश सर्वोपरि

श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे आप के मंत्री-विधायक, भगवंत मान बोले- आदेश सर्वोपरि

अमृतसर, 28 जून: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा है कि Akal Takht Sahib सिख कौम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसके आदेशों का पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा के साथ पालन किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा तलब किए गए पंजाब सरकार के सभी मंत्री, विधायक और विधानसभा स्पीकर सोमवार को वहां उपस्थित होकर सरकार का पक्ष रखेंगे।

अमृतसर में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal के साथ मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के प्रतिनिधि एक विनम्र सिख के रूप में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे और सरकार की स्थिति स्पष्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए श्री अकाल तख्त साहिब का हर आदेश सर्वोपरि है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए उनकी नकल करने वाले एक व्यक्ति की कथित फर्जी वीडियो का इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में सभी तथ्य और दस्तावेज श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही इस विषय में विस्तृत पत्र भी भेजेगी।

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस पूरे मुद्दे को धार्मिक रंग देकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और राजनीति को कभी भी एक-दूसरे के साथ नहीं मिलाना चाहिए तथा जनता ऐसे प्रयासों को समझती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं भी पहले श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश पर वहां पेश हो चुके हैं और उनकी आस्था तथा सम्मान हमेशा इस सर्वोच्च संस्था के प्रति बना रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार के लिए तख्त साहिब के आदेश सदैव सर्वोपरि रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि अतीत में अन्य नेताओं के मामलों में इसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता समझदार है और अंतिम फैसला जनता ही करती है।

एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा वर्ष 1956 के नांदेड़ सिख गुरुद्वारा अधिनियम को निरस्त करने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के धार्मिक मामलों में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और ऐसे कदमों से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। उन्होंने दोहराया कि धर्म और राजनीति को अलग-अलग रखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और विकास जैसे जनहित के मुद्दों पर काम कर रही है तथा राजनीतिक विरोधी इन्हीं उपलब्धियों से परेशान होकर धार्मिक विवादों के जरिए उन्हें घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

Published on: 29 Jun 2026

Global Admin
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