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विदेश शिक्षा की फंडिंग पर अभिजीत दिपके का जवाब, बोले- स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से की पढ़ाई

03 Aug 2026 | 10 Views

विदेश शिक्षा की फंडिंग पर अभिजीत दिपके का जवाब, बोले- स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से की पढ़ाई

विदेश शिक्षा की फंडिंग पर अभिजीत दिपके का जवाब, बोले- स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से की पढ़ाई

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपनी विदेश में पढ़ाई की फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए कहा है कि उनकी पढ़ाई स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए पूरी हुई। उन्होंने बताया कि अमेरिका की Boston University से उन्हें डीन स्कॉलरशिप मिली थी, जबकि बाकी खर्च के लिए उन्होंने शिक्षा ऋण लिया, जिसे अभी चुकाना बाकी है।

एक इंटरव्यू में दिपके ने कहा, "मुझे बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिली थी और बाकी खर्चों के लिए मैंने एजुकेशन लोन लिया था। मुझे वह लोन चुकाना है।" उन्होंने अपनी फंडिंग से संबंधित स्कॉलरशिप का दस्तावेज भी साझा किया। दस्तावेज के अनुसार, उन्हें डीन स्कॉलरशिप के तहत प्रति सेमेस्टर 12,500 अमेरिकी डॉलर मिले। तीन सेमेस्टर में उन्हें कुल 37,500 डॉलर की स्कॉलरशिप प्रदान की गई।

जंतर-मंतर प्रदर्शन की फंडिंग पर भी दी सफाई

दिपके ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों और भविष्य में CJP की फंडिंग को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में क्राउडफंडिंग के माध्यम से धन जुटाएगी और पूरी वित्तीय प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाएगी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्वेच्छा से भोजन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। दिपके के अनुसार, दिल्ली पुलिस के निचले स्तर के कई अधिकारी प्रदर्शनकारियों के प्रति सहानुभूति रखते थे, जबकि वरिष्ठ अधिकारी गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई कर रहे थे।

आरटीआई कार्यकर्ता ने उठाए थे सवाल

दिपके का यह बयान गुजरात के सूरत निवासी आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी द्वारा उनकी विदेश शिक्षा के वित्तीय स्रोतों की जांच की मांग के बाद आया है। तिवारी ने शिकायत में सवाल उठाया था कि यदि दिपके के पिता भगवानराव दिपके महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में जूनियर इंजीनियर थे और उनकी मासिक आय लगभग 60 से 65 हजार रुपये थी, तो अमेरिका में पढ़ाई का खर्च किस प्रकार वहन किया गया।

उन्होंने इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार, चुनाव आयोग और केंद्रीय जीएसटी विभाग को भी शिकायत भेजी है। साथ ही CJP के लिए घोषित एक करोड़ रुपये के कानूनी सहायता फंड की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि संगठन राजनीतिक गतिविधियां चला रहा है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकृत राजनीतिक दल है या नहीं।

कपिल सिब्बल ने की थी कानूनी सहायता की घोषणा

इससे पहले वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों की कानूनी सहायता के लिए बनाए गए फंड में एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी।

कौन हैं अभिजीत दिपके?

30 वर्षीय अभिजीत दिपके ने अमेरिका स्थित Boston University के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की डिग्री हासिल की है। भारत लौटने के बाद वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए और हाल के छात्र आंदोलनों तथा विरोध प्रदर्शनों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए।

 

Published on: 03 Aug 2026

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