चंडीगढ़, 24 अप्रैल
पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उसकी हालिया कार्रवाइयां डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान और देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा प्रहार हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह के बहकावे में आकर आप के 7 सांसदों का पार्टी बदलना न सिर्फ राजनीतिक घटना है, बल्कि यह पंजाब और उसके 3 करोड़ लोगों के साथ विश्वासघात है।
चीमा ने कहा कि पंजाब ने देश के लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक कुर्बानियां दी हैं और आज उसी लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे पंजाबी अपने खून से सींच चुके हैं। उन्होंने कहा कि “यह बाबा साहेब के संविधान और जनता के वोट के अधिकार पर सीधा हमला है, जिसे पंजाब कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।”
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखती और विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने की नीति पर काम कर रही है। चीमा ने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा को इसका करारा जवाब देंगे।
आप सांसदों के कथित दल-बदल की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन्हें पंजाब की आवाज बनने के लिए संसद भेजा गया, उन्होंने सत्ता के लालच में आकर राज्य के साथ धोखा किया है।
चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में “चट्टान की तरह” खड़ी है और संविधान की रक्षा के लिए हर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि चाहे ईडी-सीबीआई जैसी एजेंसियों का कितना भी दबाव क्यों न बनाया जाए, आप नेता झुकने वाले नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की जनता मौकापरस्त राजनीति को कभी माफ नहीं करती और आने वाले समय में भाजपा तथा “गद्दारों” को सबक सिखाएगी।
अपने बयान में चीमा ने भगत सिंह के आदर्शों का जिक्र करते हुए कहा कि आप उनकी विचारधारा से प्रेरणा लेकर पंजाब के अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
अंत में उन्होंने भरोसा जताया कि 2027 में आम आदमी पार्टी फिर से सत्ता में लौटेगी और भाजपा को पंजाब में करारी हार का सामना करना पड़ेगा।