चंडीगढ़, 24 अप्रैल
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता और सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने और पार्टियां तोड़ने की कोशिश कर रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा पिछले कई वर्षों से एक ही “मॉडल” पर काम कर रही है, जिसमें चुनाव से पहले ईडी और सीबीआई के जरिए विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाया जाता है या उन्हें लालच देकर पार्टी में शामिल कराया जाता है।
मीत हेयर ने कहा कि पंजाब की धरती संघर्ष और सिद्धांतों की धरती है और यहां भाजपा का “वॉशिंग मशीन मॉडल” कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा और अजित पवार का जिक्र किया, जिन पर विपक्ष में रहते हुए कार्रवाई हुई लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद वे “पाक-साफ” हो गए।
उन्होंने कहा कि संसद में भी इसी तरह का माहौल देखने को मिल रहा है, जहां रवनीत सिंह बिट्टू और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेता अब भाजपा के साथ बैठते नजर आते हैं, जबकि पुराने कार्यकर्ताओं को पीछे धकेला जा रहा है।
पंजाब भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने सुनील जाखड़ का नाम लेते हुए कहा कि पार्टी अब अपने मूल कार्यकर्ताओं के बजाय कांग्रेस से आए चेहरों के भरोसे चल रही है।
मीत हेयर ने राघव चड्ढा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस युवा को अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय पहचान दी, वही पार्टी के मुश्किल समय में साथ छोड़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जेल में थे, उस दौरान राघव चड्ढा विदेश में थे, जिससे उनकी भूमिका पर संदेह पैदा होता है।
उन्होंने पंजाब में हाल ही में आप नेताओं के घरों पर हुई छापेमारी का जिक्र करते हुए कहा कि यह सब पार्टी को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।
मीत हेयर ने कहा कि भाजपा चाहे जितना दबाव बनाए, आप के नेता और कार्यकर्ता झुकने वाले नहीं हैं। “जेल जाना मंजूर है, लेकिन भाजपा के सामने झुकना नहीं,” उन्होंने दोहराया।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा की इस “दमनकारी राजनीति” का पंजाब में उल्टा असर होगा और आने वाले समय में पार्टी को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।