पंजाब डेस्क: जालंधर में पुलिस द्वारा एक नाबालिग को हिरासत में लेने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने थाने के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
परिवार का आरोप है कि उनके 17 वर्षीय बेटे को पुलिस दोपहर के समय घर से अपने साथ ले गई और कई घंटों तक थाने में बैठाकर रखा गया। इस दौरान उन्हें उससे मिलने नहीं दिया गया और बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उसे हिरासत में रखा गया।
परिजनों के मुताबिक, जब वे अपने बेटे को ढूंढते हुए अलग-अलग थानों में पहुंचे, तो बाद में पता चला कि उसे थाना नंबर 6 में रखा गया है। आरोप है कि जब वे वहां पहुंचे तो पुलिस ने गेट बंद कर दिया और उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब छात्र की मां ने रोते हुए कहा कि यदि उसके बेटे के साथ कुछ भी गलत हुआ, तो वह थाने के बाहर ही आत्महत्या कर लेगी। परिवार ने पुलिस पर दुर्व्यवहार और झूठे मामले में फंसाने के आरोप भी लगाए हैं। वहीं, छात्र के पिता ने कहा कि वे घंटों तक अपने बेटे की तलाश में भटकते रहे और पुलिसकर्मियों ने उनके साथ सख्ती से पेश आते हुए वहां से जाने के लिए कहा।
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि उन्हें एक शिकायत मिली थी, जिसमें एक नाबालिग लड़की से मोबाइल स्नेचिंग की घटना हुई थी। इसी आधार पर शक के चलते युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी और मामले की जांच जारी है।
इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए वाल्मीकि संघर्ष मोर्चा के चेयरमैन संजय लूथरा भी सामने आए हैं और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।