भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र में पंजाब लिख रहा नया अध्याय, 2022 से अब तक मिले 75 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव: अमन अरोड़ा
भारत टेक्स 2026 में उद्योग मंत्री ने निवेशकों को पंजाब में निवेश का दिया न्योता, टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए तीन विशेष नीतियों का किया उल्लेख
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय भारत टेक्स 2026 कार्यक्रम के दौरान पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने राज्य को निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के बाद से पंजाब को 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिख रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग-अनुकूल नीतियों और बेहतर कारोबारी माहौल के कारण पिछले चार वर्षों में राज्य ने बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब अब पारंपरिक उत्पादन क्षमता से आगे बढ़ते हुए आधुनिक तकनीक आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल हब के रूप में उभर रहा है।
अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब लंबे समय से देश के टेक्सटाइल उद्योग का प्रमुख केंद्र रहा है। राज्य देश के ऊनी वस्त्र उत्पादन में लगभग 95 प्रतिशत और होजरी उत्पादन में करीब 65 प्रतिशत योगदान देता है। इसके अलावा ब्लेंडेड यार्न उत्पादन में पंजाब देश में अग्रणी है और भारत की कुल कताई क्षमता में उसका 5.7 प्रतिशत हिस्सा है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल एवं परिधान उद्योग राज्य के विनिर्माण क्षेत्र के सकल मूल्य वर्धन में लगभग 14 प्रतिशत योगदान देता है। राज्य में इस क्षेत्र की 1.46 लाख से अधिक इकाइयां संचालित हैं, जिनमें 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और एसएएस नगर जैसे मजबूत औद्योगिक क्लस्टर मौजूद हैं। लुधियाना को भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है, जबकि जालंधर खेल सामग्री उद्योग, अमृतसर ऊनी वस्त्र उद्योग और एसएएस नगर आधुनिक विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। इन क्लस्टरों में कुशल मानव संसाधन, मजबूत सप्लाई नेटवर्क और निर्यात आधारित उद्योगों का व्यापक ढांचा मौजूद है।
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा अधिसूचित तीन टेक्सटाइल केंद्रित नीतियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि अपैरल एवं तकनीकी टेक्सटाइल, स्पिनिंग एवं वीविंग तथा डाइंग एवं फिनिशिंग क्षेत्रों के लिए विशेष नीतियां लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निवेशकों को स्थिर पूंजी निवेश पर 20 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी, चुकाए गए नेट एसजीएसटी की 75 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति और 500 करोड़ रुपये तक की सीमा के साथ स्थिर पूंजी निवेश के 125 प्रतिशत तक कुल प्रोत्साहन प्रदान कर रही है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि कारोबार को आसान बनाने के लिए पंजाब में राइट टू बिजनेस एक्ट लागू किया गया है। इसके तहत स्व-घोषणा के आधार पर 5 से 45 कार्य दिवसों के भीतर मंजूरियां प्रदान की जाती हैं। यदि निर्धारित समय में मंजूरी नहीं मिलती, तो उसे स्वतः स्वीकृत माना जाता है। इसके अलावा सभी औद्योगिक मंजूरियों के लिए फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल भी शुरू किया गया है, जो एक डिजिटल सिंगल विंडो प्रणाली के रूप में कार्य करता है।
उन्होंने पंजाब की रणनीतिक खूबियों का भी जिक्र किया और कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निकट होने, मजबूत सड़क, रेल और हवाई संपर्क, विकसित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्धता और कुशल कार्यबल के कारण पंजाब निवेश के लिए आदर्श राज्य बन चुका है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि वैश्विक टेक्सटाइल उद्योग तेजी से मैन-मेड फाइबर, तकनीकी टेक्सटाइल और हाई-परफॉर्मेंस मैटेरियल की ओर बढ़ रहा है। स्वास्थ्य सेवा, खेल, रक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब में 100 से अधिक पीपीई निर्माता कार्यरत हैं और कई इकाइयां डीआरडीओ से प्रमाणित हैं। मेडिटेक, स्पोर्टटेक, एग्रीटेक और जियोटेक क्षेत्रों में भी राज्य तेजी से अपनी क्षमता विकसित कर रहा है।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकिरत कृपाल सिंह, इन्वेस्ट पंजाब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित ढाका, उद्योग विभाग के निदेशक जसप्रीत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।