पंजाब कांग्रेस के अंदरूनी विवाद पर आज दिल्ली में हो सकती है अहम चर्चा, राहुल-खड़गे की संभावित बैठक पर नजर
चंडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में पिछले करीब दो सप्ताह से चल रहे अंदरूनी मतभेदों के बीच आज कांग्रेस नेतृत्व की संभावित बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच मुलाकात हो सकती है, जिसमें पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात और संगठनात्मक स्थिति पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार राहुल गांधी विदेश दौरे से लौट चुके हैं। ऐसे में उनकी खड़गे के साथ संभावित बैठक को पंजाब कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के भीतर उस समय असंतोष बढ़ गया था जब राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बनाए रखने का फैसला किया गया। इसके बाद नई संगठनात्मक नियुक्तियों की सूची जारी होने पर कई नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी।
सबसे मुखर विरोध पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से देखने को मिला। चन्नी ने सार्वजनिक तौर पर अपनी असहमति व्यक्त की थी और बाद में अपने समर्थक नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर संगठन में अपनी बात हाईकमान तक पहुंचाने का प्रयास किया। चन्नी समर्थक नेताओं की ओर से संगठन में सभी वर्गों और क्षेत्रों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की मांग भी उठाई गई है।
विवाद को सुलझाने के प्रयासों के तहत पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल भी हाल ही में चंडीगढ़ पहुंचे थे। उन्होंने पार्टी के विभिन्न नेताओं और दोनों प्रमुख गुटों से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी राय जानी तथा संगठन में एकजुटता बनाए रखने की कोशिश की। हालांकि इन बैठकों के बावजूद अंदरूनी मतभेद पूरी तरह समाप्त होते नहीं दिख रहे हैं।
ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व की संभावित बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच चर्चा होती है तो पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी, संगठनात्मक संतुलन और आगामी राजनीतिक रणनीति जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठ सकते हैं।
फिलहाल कांग्रेस हाईकमान की ओर से इस संभावित बैठक या पंजाब कांग्रेस से जुड़े किसी नए फैसले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बावजूद इसके, पार्टी के मौजूदा हालात को देखते हुए पंजाब कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें दिल्ली से आने वाले संकेतों पर टिकी हुई हैं।