जालंधर-कैंट रेलवे स्टेशन उद्घाटन से पहले धमकी भरा ई-मेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
जालंधर। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत आधुनिक स्वरूप दिए गए जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के उद्घाटन से पहले सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को स्टेशन का उद्घाटन किए जाने की प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले जालंधर और चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशनों सहित कई स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, धमकी भरे ई-मेल में दावा किया गया है कि 17 जुलाई को जालंधर और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर विस्फोट किए जाएंगे। ई-मेल में रेलवे स्टेशनों, कुछ शैक्षणिक संस्थानों और मोहाली मेयर कार्यालय का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी जान से मारने की धमकी दी गई है।
धमकी मिलने के बाद जीआरपी, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), पंजाब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर पहले से चल रही सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत किया गया है।
इसी बीच डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया और पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने कैंट रेलवे स्टेशन का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में तैनात सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और अन्य तैयारियों की समीक्षा की। हालांकि उन्होंने धमकी भरे ई-मेल के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि उनका दौरा उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों का हिस्सा है।
सूत्रों के अनुसार, ई-मेल में लोगों को प्रधानमंत्री की प्रस्तावित रैली और कार्यक्रमों में शामिल न होने की चेतावनी भी दी गई है। जांच एजेंसियां ई-मेल की उत्पत्ति, प्रेषक की पहचान और उसमें किए गए दावों की सत्यता की जांच कर रही हैं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ई-मेल एक जीमेल आईडी से भेजा गया था। सुरक्षा एजेंसियां साइबर विशेषज्ञों की मदद से तकनीकी जांच में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि हर धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़े विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले हैं। इसी को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले ही हाई अलर्ट पर रखी गई थी। अब धमकी भरे ई-मेल के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और तलाशी अभियान और तेज कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं तथा लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की गई है।