जालंधर में गारमेंट्स स्टोर पर फायरिंग का मामला सुलझा, गैंगस्टरों के लिए काम करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार
जालंधर/लोहियां: शहीद भगत सिंह चौक स्थित एक रेडीमेड गारमेंट्स स्टोर के बाहर हुई गोलीबारी की वारदात को लोहियां पुलिस ने सुलझाने का दावा करते हुए मुख्य आरोपियों समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से .30 बोर की एक अवैध पिस्तौल, एक मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। अदालत से आरोपियों का तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया गया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
थाना लोहियां में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डीएसपी शाहकोट सरवन सिंह बल और एसएचओ सुखजिंदर सिंह खैहरा ने बताया कि 3 सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश युवकों ने गारमेंट्स स्टोर के बाहर फायरिंग की थी और मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
जांच में सामने आया कि सन्नी पुत्र परमजीत निवासी बुसोवाल (कपूरथला) और उसका साथी अजय कुमार उर्फ नीली निवासी भोएपुर (शाहकोट) स्टोर मालिक को डराकर फिरौती वसूलने की नीयत से फायरिंग करने पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का मकसद व्यापारियों में दहशत फैलाकर अवैध वसूली करना था।
डीएसपी सरवन सिंह बल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर गैंगस्टर जग्गा फूकीवाल और नवजोत उर्फ जोता के लिए काम करते थे। यह गिरोह स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों को धमकियां देकर फिरौती मांगने की गतिविधियों में शामिल रहा है, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में भय का माहौल बना हुआ था।
मुख्य आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस मामले में शामिल तीन अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें राहुल पुत्र हरमेश निवासी गांव चाचोवाल (थाना लोहियां), बलवीर सिंह उर्फ जस पुत्र कुलविंदर सिंह निवासी पांडेर (थाना सदर नकोदर) तथा जशनप्रीत सिंह उर्फ जशन पुत्र जसप्रीत सिंह निवासी कबीरपुर (कपूरथला) शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और फिरौती से जुड़े अन्य मामलों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने विश्वास जताया कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस गिरोह से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।
इस कार्रवाई को क्षेत्र में बढ़ती गैंगस्टर गतिविधियों और व्यापारियों को मिल रही धमकियों के खिलाफ पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।