LPU छात्रों को लेकर डॉक्टर के दावे से उठा विवाद, यूनिवर्सिटी का नाम लेने पर दी सफाई
जालंधर/फगवाड़ा: जालंधर की एक महिला डॉक्टर द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) का नाम चर्चा में आ गया है। फर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. मनदीप कौर ने अपने वीडियो में दावा किया कि उनके सेंटर पर कुछ युवा, जिनमें LPU से जुड़े छात्र भी शामिल होते हैं, अनचाही प्रेग्नेंसी, गर्भपात संबंधी सलाह और अन्य प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं।
डॉ. मनदीप कौर ने एक कथित विदेशी छात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अनचाही प्रेग्नेंसी के कारण उनके पास आई थी और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) से संबंधित दवा लेने के बाद फॉलोअप के लिए दोबारा सेंटर पहुंची थी। डॉक्टर ने यह भी दावा किया कि उनके पास कई बार लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले युवा जोड़े भी चिकित्सा परामर्श के लिए आते हैं।
वीडियो में डॉक्टर ने एक विदेशी छात्रा द्वारा अपने अजन्मे बच्चे के नाम लिखी गई कथित भावनात्मक चिट्ठी का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, छात्रा ने अपनी परिस्थितियों का हवाला देते हुए गर्भ जारी न रख पाने की बात लिखी थी। डॉक्टर ने इस घटना का उल्लेख करते हुए युवाओं को सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाने, अनचाही गर्भावस्था से बचाव तथा गर्भपात संबंधी दवाओं का बिना चिकित्सकीय सलाह के उपयोग न करने की सलाह दी।
हालांकि, वीडियो में LPU का नाम लिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया और कई लोगों ने विश्वविद्यालय को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद डॉ. मनदीप कौर ने एक दूसरा वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान करना था।
डॉक्टर ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि LPU में देश-विदेश से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं और इसी कारण वहां के कुछ छात्र विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर डॉक्टरों के पास पहुंचते हैं। उन्होंने दावा किया कि जालंधर क्षेत्र के कई चिकित्सकों के पास भी ऐसे मामले आते हैं और उनका बयान केवल जागरूकता के उद्देश्य से दिया गया था।
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन व्यक्तिगत मामलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, लेकिन किसी भी संस्थान या समूह के बारे में सामान्यीकृत निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए।