मॉडल टाउन की करोड़ों की सड़कें एक साल में उखड़ीं, मिट्टी के पैच लगाकर मरम्मत पर उठे सवाल
जालंधर: नगर निगम के बीएंडआर (बिल्डिंग एंड रोड्स) विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में करोड़ों रुपये की लागत से पिछले वर्ष बनाई गई सड़कें एक साल भी नहीं टिक सकीं और अब उनकी मरम्मत के नाम पर किए जा रहे कार्य ने नए विवाद को जन्म दे दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिन सड़कों का निर्माण हाल ही में बड़े खर्च के साथ किया गया था, वे जगह-जगह से टूटने लगी हैं। सड़कों की मरम्मत के लिए निगम द्वारा शुरू किए गए पैच वर्क में गुणवत्तापूर्ण सामग्री की बजाय मिट्टी का उपयोग किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इससे सड़कों की स्थिति सुधरने के बजाय क्षेत्र की सुंदरता और स्वच्छता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पहले भी उठे थे गुणवत्ता पर सवाल
गौरतलब है कि सड़क निर्माण के दौरान ही कांग्रेस नेता सुदेश विज ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि सड़कें मानकों के अनुरूप नहीं बनाई जा रहीं और भविष्य में इनके जल्दी खराब होने की आशंका है। हालांकि उस समय निगम अधिकारियों ने इन आपत्तियों को अधिक महत्व नहीं दिया।
अब सड़कों के समय से पहले टूटने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठे वही सवाल फिर चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार हुआ होता तो सड़कें इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होतीं।
मॉडर्न अस्पताल के पास सबसे खराब स्थिति
मॉडल टाउन स्थित मॉडर्न अस्पताल के निकट सड़क की हालत विशेष रूप से खराब बताई जा रही है। सड़क की ऊपरी परत से बजरी उखड़कर बाहर आ रही है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों के बाद निगम ने यहां पैच वर्क शुरू किया, लेकिन लोगों को उम्मीद के विपरीत सड़क की मरम्मत में मिट्टी डालकर खानापूर्ति किए जाने के आरोप लगे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की तकनीकी मरम्मत करने के बजाय अस्थायी उपाय अपनाए जा रहे हैं, जो पहली बारिश में ही बेअसर साबित हो सकते हैं।
निगम और सरकार की छवि पर असर
उल्लेखनीय है कि मेयर द्वारा पिछले कुछ समय से मॉडल टाउन और आसपास के क्षेत्रों को अधिक सुंदर और व्यवस्थित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में कथित लापरवाही से नगर निगम और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
नागरिकों का कहना है कि यदि मरम्मत कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया तो मिट्टी के पैच बारिश के दौरान कीचड़ में बदल जाएंगे और सड़क की स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो सकती है। लोगों ने निगम प्रशासन से सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।