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धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बने

14 Sep 2026 | 12 Views

धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बने

धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बने

नई दिल्ली: भारतीय रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल के व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया। बेहद रोमांचक फाइनल में धीरज ने जापान के नाकानिशी जुन्या को शूट-ऑफ में 10-9 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

दुनिया के नंबर-10 तीरंदाज धीरज इससे पहले 2023 और 2024 के वर्ल्ड कप फाइनल में पदक जीतने से चूक गए थे। इस बार उन्होंने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई। दुनिया के नंबर-20 नाकानिशी के खिलाफ मुकाबला पांच सेट तक चला और दोनों तीरंदाज 5-5 की बराबरी पर रहे। इसके बाद शूट-ऑफ में धीरज ने 10 अंक का सटीक निशाना लगाकर बाजी मार ली, जबकि नाकानिशी 9 अंक ही हासिल कर सके।

16 साल का इंतजार खत्म

धीरज की इस ऐतिहासिक जीत के साथ वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज के पदक का 16 साल का इंतजार भी खत्म हो गया। इससे पहले जयंत तालुकदार ने 2010 में एडिनबर्ग में वर्ल्ड कप फाइनल में कांस्य पदक जीता था।

धीरज वर्ल्ड कप फाइनल में व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग का स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरुष तीरंदाज हैं। इससे पहले भारत के लिए डोला बनर्जी ने 2007 में दुबई में महिला व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रतियोगिता में भारतीय तीरंदाजों में सबसे ज्यादा पदक जीतने का रिकॉर्ड दीपिका कुमारी के नाम है, जिन्होंने आठ बार वर्ल्ड कप फाइनल में हिस्सा लेकर पांच रजत और एक कांस्य पदक जीता है।

फाइनल में रोमांचक रहा मुकाबला

नाकानिशी ने फाइनल की शुरुआत शानदार तरीके से की। उन्होंने शुरुआती छह तीरों में केवल तीन अंक गंवाए और धीरज के खिलाफ 3-1 की बढ़त बना ली। हालांकि भारतीय तीरंदाज ने दबाव में शानदार वापसी करते हुए तीसरे सेट में 29 अंक हासिल किए और स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया।

चौथे सेट में नाकानिशी ने अपने तीनों तीर सटीक निशाने पर लगाए और 5-3 की बढ़त हासिल कर ली। जापानी तीरंदाज को पांचवें सेट में केवल ड्रॉ की जरूरत थी, लेकिन धीरज ने दबाव के बावजूद बेहतरीन निशानेबाजी की।

पांचवें सेट में धीरज ने केवल दो अंक गंवाए, जबकि नाकानिशी 27 अंक ही बना सके। परिणामस्वरूप मुकाबला 5-5 से बराबर हो गया और स्वर्ण पदक का फैसला शूट-ऑफ में हुआ। शूट-ऑफ में धीरज ने 10, जबकि नाकानिशी ने 9 अंक हासिल किए और भारतीय खिलाड़ी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।

एशियन गेम्स पर नजर

वर्ल्ड कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने के बाद धीरज अब जापान में होने वाले एशियन गेम्स की तैयारियों में जुटेंगे। वह इन खेलों में भारतीय रिकर्व टीम की अगुवाई करेंगे।

हांग्जो एशियन गेम्स में धीरज व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में हार गए थे, लेकिन टीम स्पर्धा में उन्होंने भारत के लिए रजत पदक जीता था। अब वर्ल्ड कप फाइनल की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद उनसे एशियन गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

Published on: 14 Sep 2026

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