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खालसा राज टैक्स’, हिमाचल से आने वाली गाड़ियों से की जा रही वसूली

04 Jun 2026 | 60 Views

खालसा राज टैक्स’, हिमाचल से आने वाली गाड़ियों से की जा रही वसूली

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा वसूले जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध ने अब नया रूप ले लिया है। पंजाब में निहंग संगठनों ने इसके जवाब में बुधवार से ‘खालसा टैक्स’ की वसूली शुरू कर दी है। कुल्लू-मनाली हाईवे पर कीरतपुर साहिब में मोड़ा टोल प्लाजा के निकट हिमाचल प्रदेश से आने वाले वाहनों से खालसा राज टैक्स के नाम पर स्वैच्छिक राशि एकत्रित की जा रही है। इस अभियान की अगुआई तरना दल के निहंग कर रहे हैं।

तरना दल के प्रतिनिधि निहंग अच्छर सिंह के अनुसार कारों और अन्य छोटे वाहनों से 100 रुपये, हल्के व्यावसायिक वाहनों से 200 रुपये तथा बड़े वाहनों से 300 से 500 रुपये तक लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद गांव मोड़ा के निकट सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा।

‘सरबत के भले’ के लिए होगा उपयोग
इस वसूली को गैरकानूनी बताए जाने के सवाल पर निहंग नेताओं ने कहा कि यह राशि किसी निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि ‘सरबत के भले’ और सामाजिक कार्यों के लिए खर्च की जाएगी। उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए टोल वसूलता है, लेकिन हिमाचल सरकार द्वारा लिया जा रहा एंट्री टैक्स लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।

निहंग नेताओं ने पंजाब और हिमाचल सरकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके आंदोलन को रोकने का प्रयास किया गया तो वे और बड़े स्तर पर संघर्ष छेड़ने के लिए तैयार हैं।

क्या है हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद?
हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले वाहनों से एंट्री टैक्स वसूलने की व्यवस्था कोई नई नहीं है। यह प्रावधान वर्ष 1975 में लागू किए गए हिमाचल प्रदेश टोल्स एक्ट के तहत अस्तित्व में आया था। राज्य सरकार का तर्क है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों के रखरखाव और विकास के लिए अतिरिक्त राजस्व की आवश्यकता होती है।

2025 में पहली बढ़ोतरी
अप्रैल 2025 में हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स दरों में संशोधन किया था। उस समय निजी और व्यावसायिक वाहनों पर 10 से 20 रुपये तक की वृद्धि की गई थी। इसके तहत कार, जीप और वैन पर 70 रुपये, 6 से 12 सीट वाले वाहनों पर 110 रुपये, ट्रैक्टर पर 70 रुपये तथा भारी वाहनों पर 720 रुपये तक शुल्क निर्धारित किया गया था।

2026 में बढ़ा विवाद
फरवरी 2026 में नई टोल नीति के तहत कई श्रेणियों के वाहनों पर शुल्क में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया गया। निजी कारों और जीपों पर टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये तक करने की योजना बनाई गई, जबकि अन्य व्यावसायिक वाहनों पर भी शुल्क बढ़ाया गया।

इस फैसले के खिलाफ पंजाब और हरियाणा में ट्रांसपोर्टरों, व्यापारिक संगठनों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। दोनों राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक और मालवाहक वाहन हिमाचल जाते हैं, इसलिए इसका सीधा असर इन क्षेत्रों पर पड़ता था।

पंजाब-हिमाचल सीमा पर लगेगा खालसा टैक्स।

सीएम सुक्खू के हस्तक्षेप के बाद राहत
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को हस्तक्षेप करना पड़ा। 31 मार्च 2026 को सरकार ने निजी कारों और कुछ यात्री वाहनों पर प्रस्तावित बढ़ोतरी वापस लेने की घोषणा की। हालांकि संशोधित दरें पूरी तरह समाप्त नहीं की गईं। वर्तमान में कार, जीप और वैन पर 100 रुपये, 6 से 12 सीट वाले वाहनों पर 130 रुपये, ट्रैक्टर पर 100 रुपये तथा भारी वाहनों पर 800 रुपये तक एंट्री टैक्स वसूला जा रहा है।

राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी
एंट्री टैक्स को लेकर हिमाचल और पड़ोसी राज्यों के बीच बहस अभी भी जारी है। जहां हिमाचल सरकार इसे राजस्व और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जरूरी बता रही है, वहीं विरोधी पक्ष इसे पर्यटकों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों पर अतिरिक्त बोझ करार दे रहा है। अब पंजाब में ‘खालसा टैक्स’ की शुरुआत ने इस विवाद को नया राजनीतिक और सामाजिक आयाम दे दिया है।

Published on: 04 Jun 2026

Global Admin
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