पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बातचीत के बाद वकीलों का ‘नो वर्क’ आंदोलन फिलहाल स्थगित
चंडीगढ़/जालंधर, 30 जुलाई। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीशों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद जॉइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) ने अपना ‘नो वर्क’ आंदोलन फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ की विभिन्न बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में लिया गया।
बैठक के दौरान जेएसी ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) योजना को वापस लेने की मांग उठाई। इस पर हाईकोर्ट की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह मामला नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (नालसा) के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि अदालत ने भरोसा दिलाया कि यदि योजना के क्रियान्वयन से किसी पक्ष को व्यावहारिक कठिनाई या नुकसान हो रहा है तो उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने यह भी मांग रखी कि उनकी आपत्तियों और सुझावों को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के समक्ष रखा जाए। इस पर हाईकोर्ट ने आश्वासन दिया कि जेएसी के प्रतिनिधियों की मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि इस मुद्दे का उचित समाधान निकाला जा सके।
हाईकोर्ट ने कहा कि एलएडीसी योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि योजना के संचालन में कोई व्यावहारिक समस्या सामने आती है तो बार एसोसिएशनों के सुझावों पर विचार करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि एलएडीसी योजना के विरोध में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के वकील पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे। इसी क्रम में विभिन्न बार एसोसिएशनों ने ‘नो वर्क’ का आह्वान किया था और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी आंदोलन के समर्थन में कार्य बहिष्कार का फैसला लिया था।
हाईकोर्ट के साथ हुई सकारात्मक बातचीत और आश्वासनों के बाद फिलहाल आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि बार एसोसिएशनों ने संकेत दिए हैं कि उनकी प्रमुख मांगों पर संतोषजनक समाधान नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति पर फिर से विचार किया जा सकता है।